
विशेष डेस्क
बांग्लादेश में 2024 के छात्र-जन आंदोलन (जुलाई विद्रोह) के प्रमुख नेता और इंकलाब मंच (Inquilab Mancha) के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी (Sharif Osman Hadi) की मौत के बाद देश में तनाव बढ़ गया है। हादी पर 12 दिसंबर को ढाका में नकाबपोश हमलावरों ने गोली मारी थी, जिसके बाद उन्हें सिंगापुर ले जाया गया जहां 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। उनकी मौत की खबर से देशभर में हिंसा भड़क उठी, जिसमें तोड़फोड़, आगजनी और भारत विरोधी नारे शामिल थे।
हादी के जनाजे में लाखों लोग शामिल
हादी का जनाजा ढाका के नेशनल पार्लियामेंट बिल्डिंग के साउथ प्लाजा में दोपहर करीब 2 बजे अदा किया गया। लाखों लोग शामिल हुए, जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, सेना और पुलिस तैनात रही। हादी को ढाका यूनिवर्सिटी कैंपस में राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की कब्र के पास सुपुर्द-ए-खाक किया गया (परिवार की इच्छा अनुसार)। बांग्लादेश सरकार ने इस दिन को राजकीय शोक दिवस घोषित किया, राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा।
मोहम्मद यूनुस का हादी का गुणगान
अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस जनाजे में शामिल हुए और भावुक भाषण दिया। उन्होंने हादी की तारीफ करते हुए कहा “प्रिय हादी, हम यहां आपको अलविदा कहने नहीं आए हैं। आप हमारे दिलों में बसते हैं। जब तक बांग्लादेश रहेगा, आप राष्ट्र का हिस्सा बने रहेंगे।” हादी की विनम्रता, लोगों से जुड़ने की क्षमता, गरिमापूर्ण राजनीति और चुनावी अभियान की सराहना की। हादी के मशहूर नारे “हम किसी के आगे झुकेंगे नहीं” (We will not bow down to anyone) का जिक्र करते हुए कहा कि यह बांग्लादेश की पहचान बनेगा और दुनिया के सामने सिर ऊंचा रखने का संकल्प है। यूनुस ने वादा किया कि हादी के आदर्शों पर चलकर देश को आगे बढ़ाया जाएगा और उनकी विरासत पीढ़ियों तक प्रेरणा देगी।
24 घंटे का अल्टीमेटम
जनाजे के दौरान और बाद में इंकलाब मंच के हादी के सहयोगी अब्दुल्लाह अल जबेर ने अंतरिम सरकार (यूनुस सरकार) को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। सरकार सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करे कि हादी की हत्या के जिम्मेदार कौन हैं, अब तक क्या कार्रवाई हुई और आगे की योजना क्या है। हादी के भाई अबू बक्र सिद्दीकी ने भी मंच से सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए। यह अल्टीमेटम हत्या की जांच में देरी और कानून-व्यवस्था की विफलता को लेकर है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा है कि “हमलावर भारत भाग गए, जिससे भारत विरोधी माहौल भी बना (हालांकि यूनुस सरकार ने हिंसा की निंदा की है)।
कौन है शेख हसीना सरकार गिराने वाला
हादी 2024 के आंदोलन में शेख हसीना सरकार गिराने वाले प्रमुख चेहरों में थे और आगामी चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार बनने वाले थे। उनकी मौत के बाद हिंसा में भारत के सहायक उच्चायुक्त के आवास पर पत्थरबाजी, अखबारों के दफ्तर जलाने जैसी घटनाएं हुईं। यूनुस ने हत्यारों को जल्द न्याय दिलाने का वादा किया है, लेकिन इंकलाब मंच का अल्टीमेटम सरकार पर दबाव बढ़ा रहा है। यह घटना बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के लिए बड़ी चुनौती है, जहां लोकतंत्र बहाली और चुनाव की तैयारी चल रही है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।