
दिल्ली डेस्क
नई दिल्ली:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दिल्ली मेट्रो के फेज-5A (Phase-VA) विस्तार परियोजना को मंजूरी दे दी गई। इसे दिल्ली-NCR वासियों के लिए नए साल का बड़ा तोहफा बताया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में इसकी जानकारी दी।
क्या हैं परियोजना की विशेषताएं
इसकी कुल लागत ₹12,015 करोड़ (लगभग)। नई लंबाई 16.076 किलोमीटर (तीन नए कॉरिडोर)। नए स्टेशन 13 (10 भूमिगत और 3 एलिवेटेड)। पूर्ण होने की समयसीमा 3 वर्ष। वर्तमान में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क लगभग 395 किमी है। इस विस्तार के बाद यह 400 किमी से अधिक हो जाएगा, जिससे भारत का मेट्रो नेटवर्क दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बन जाएगा (चीन और अमेरिका के बाद)। वर्तमान में औसतन 65 लाख यात्री, रिकॉर्ड 81.87 लाख (अगस्त 2025)।
कहां होंगे तीन नए कॉरिडोर
आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ (9.913 किमी) यह सेंट्रल विस्टा क्षेत्र और कर्तव्य पथ को सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी देगा। इससे सरकारी कर्मचारियों और पर्यटकों को बड़ा फायदा। एयरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 (2.263 किमी): एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज (3.9 किमी) साउथ-ईस्ट दिल्ली और नोएडा बॉर्डर क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
दिल्ली-NCR की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार
केंद्र सरकार ₹1,759 करोड़। दिल्ली सरकार ₹1,759 करोड़। शेष राशि लोन (लगभग ₹5,278 करोड़) के जरिए। इसके फायदे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में कमी। लाखों यात्रियों को सुविधा, खासकर साउथ दिल्ली, सेंट्रल दिल्ली और एयरपोर्ट क्षेत्रों में। सार्वजनिक परिवहन को मजबूती, सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा। यह विस्तार दिल्ली मेट्रो को और मजबूत बनाएगा, जो पहले से ही शहर की लाइफलाइन है। परियोजना से दिल्ली-NCR की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आएगा।