
सरल डेस्क
यूपी: नाबालिग किशोर और किशोरी वाहन चलाते मिलेंगे तो उनके अभिभावकों को भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। साथ ही अभिभावक पर मुकदमा भी दर्ज किए जाने का नियम है। कार्रवाई में स्पष्ट किया गया है कि 25 हजार रुपये का अर्थदंड चालक बच्चे के अभिभावक पर लगेगा।
अब किशोर और अकुशल चालकाें के कारण हो रहीं दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए संबंधित प्रविधान पर परिवहन विभाग प्रशासन से कार्रवाई की तैयारी में है। एआरटीओ अंकिता शुक्ला और सीओ यातायात आलोक पाठक ने कहा है कि “नाबालिग अगर वाहन चलाता मिलेगा तो अभिभावक पर कार्रवाई की जाएगी। जिससे इन घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
गंभीर हादसों में उल्लेखित दो घटनाएं
किशोर और अकुशल चालकों से हुए गंभीर हादसों में उल्लेखित दो घटनाएं मात्र बानगी मात्र हैं, ऐसी घटनाओं का जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीणांचल तक आम हो गईं हैं। हादसों में किशोरों और युवाओं की मौतों के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। नवसिखिया चालक दक्ष चालकों के लिए भी मुसीबत हैं।
यातायात नियमों का पालन करने वाले भी इन अकुशल चालकों के कारण दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। परिवहन विभाग कुशल चालक बनाने के लिए मोटर ट्रेनिंग स्कूल व स्वचालित ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र संचालित करता है। जहां व्यक्ति को पहले सेमुलेटर फिर असली वाहन से सड़क पर प्रशिक्षण के साथ सड़क-सुरक्षा और परिवहन नियम का पाठ पढ़ाकर जानकारी दी जाती है। बावजूद लोग स्वयं से ड्राइविंग सीखते हैं जो घातक साबित होता है