
सरल डेस्क
नए साल से पहले भारत के लिए यह वाकई एक ऐतिहासिक और उत्साहजनक खबर है। सरकार की वार्षिक आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत ने जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) के आधार पर जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान हासिल कर लिया है।
भारत बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
रिपोर्ट के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था का आकार अब 4.18 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। इसी के साथ भारत वैश्विक आर्थिक रैंकिंग में चौथे स्थान पर आ गया है। यह उपलब्धि भारत की तेज आर्थिक वृद्धि, मजबूत घरेलू मांग, निवेश में बढ़ोतरी और नीतिगत सुधारों का नतीजा मानी जा रही है।
सरकार का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में भारत ने विनिर्माण, सेवा क्षेत्र, डिजिटल अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे में बड़े सुधार किए हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है। “मेक इन इंडिया”, “डिजिटल इंडिया” और बुनियादी ढांचा विकास से जुड़े कार्यक्रमों ने देश की आर्थिक क्षमता को मजबूती दी है।
आईएमएफ की पुष्टि का इंतजार
हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस उपलब्धि की अंतिम और आधिकारिक पुष्टि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के आंकड़ों के आधार पर होगी। आईएमएफ द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक जीडीपी आंकड़े 2026 की पहली छमाही में आने की संभावना है। इसके बाद ही वैश्विक स्तर पर भारत की रैंकिंग को अंतिम रूप से मान्यता मिलेगी।
भारत की बढ़ती वैश्विक आर्थिक भूमिका
यदि आईएमएफ के आंकड़े भी इस दावे की पुष्टि करते हैं, तो यह भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। इससे न केवल भारत की वैश्विक आर्थिक साख मजबूत होगी, बल्कि विदेशी निवेश, व्यापार और रणनीतिक साझेदारियों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह संकेत देगा कि भारत आने वाले वर्षों में दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में और मजबूत भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
कुल मिलाकर, नए साल से पहले आई यह खबर भारत की आर्थिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा सकती है। चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का यह दावा देश के लिए गर्व का विषय है और भविष्य में भारत के तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावनाओं को भी मजबूत करता है।