
दिल्ली डेस्क
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत मंडपम में आयोजित भारत-यूरोपीय संघ (EU) बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में ट्रेड, टेक्नोलॉजी और रेयर अर्थ मिनरल्स को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और विकास के लिए चिंता का विषय है।
पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक मंच पर व्यापार प्रतिबंध, तकनीकी नियंत्रण और रणनीतिक संसाधनों को लेकर देशों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है। हालांकि प्रधानमंत्री ने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति और व्यापार युद्ध की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से खुलेगा विकास का नया अध्याय
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को दोनों पक्षों के लिए नए युग की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल व्यापार बढ़ाएगा, बल्कि निवेश, नवाचार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। पीएम मोदी के अनुसार, इस एफटीए से भारत के श्रम-प्रधान उद्योगों को विशेष लाभ मिलेगा। इसके साथ ही कृषि, मत्स्य पालन और सेवा क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर अवसर खुलेंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
भरोसेमंद साझेदारी पर ज़ोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में दुनिया को भरोसेमंद और पारदर्शी साझेदारियों की आवश्यकता है। भारत और यूरोपीय संघ लोकतांत्रिक मूल्यों, नियम-आधारित व्यवस्था और मुक्त व्यापार में विश्वास रखते हैं, जो इस साझेदारी को और मजबूत बनाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक स्थिर, भरोसेमंद और विकास-उन्मुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है और यूरोपीय कंपनियों के लिए भारत में निवेश की अपार संभावनाएं हैं।
वैश्विक व्यापार में संतुलन की जरूरत
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि वैश्विक व्यापार को राजनीति से ऊपर रखते हुए सहयोग और संतुलन के रास्ते पर चलना होगा। तभी दुनिया समावेशी विकास और साझा समृद्धि की ओर आगे बढ़ सकती है।