
स्पेशल डेस्क
संसद का शीतकालीन सत्र 2025, 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चला, जिसमें कुल 15 बैठकें हुईं। यह सत्र 19 दिनों का था, लेकिन वास्तविक कार्य दिवस 15 थे। लोकसभा ने 92 घंटे 25 मिनट काम किया, जिसकी उत्पादकता 111% रही। राज्यसभा की उत्पादकता 121% रही और उसने भी लगभग 92 घंटे काम किया।सत्र के दौरान विपक्ष की ओर से काफी हंगामा, वॉकआउट और नारेबाजी देखी गई, खासकर ग्रामीण रोजगार से जुड़े विधेयक और वायु प्रदूषण जैसे मुद्दों पर। सरकार ने इसे “बहुत उत्पादक” बताया, जबकि विपक्ष ने “प्रदूषण सत्र” और ग्रामीण श्रमिकों पर हमला करार दिया।
पारित हुए विधेयक
सत्र में कुल 10 सरकारी विधेयक पेश किए गए, जिनमें से 8 पारित हुए। ये विधेयक मुख्य रूप से वित्त, ऊर्जा, बीमा और ग्रामीण रोजगार से जुड़े थे। नीचे उनकी सूची और मुख्य उद्देश्य दिए गए हैं
विधेयक:- मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (सेकंड अमेंडमेंट) बिल, 2025
मणिपुर जीएसटी कानून को केंद्रीय जीएसटी संशोधनों के अनुरूप बनाना (राष्ट्रपति शासन के कारण)।
विधेयक:- सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल, 2025
केंद्रीय उत्पाद शुल्क को तंबाकू और संबंधित उत्पादों पर बढ़ाना।
विधेयक:- हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025
पान मसाला और अन्य उत्पादों पर नया सेस लगाना, जो उत्पादन क्षमता पर आधारित होगा।
विधेयक:- अप्रोप्रिएशन (नंबर 4) बिल, 2025
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अतिरिक्त अनुदान की मंजूरी।
विधेयक:- रिपीलिंग एंड अमेंडिंग बिल, 2025
71 पुराने कानूनों को निरस्त करना और 4 कानूनों में संशोधन, जैसे इंडियन ट्रामवेज एक्ट, 1886।
विधेयक:- सबका बीमा सबकी रक्षा (अमेंडमेंट ऑफ इंश्योरेंस लॉज) बिल, 2025
बीमा क्षेत्र में 100% विदेशी निवेश की अनुमति, पूंजी आवश्यकताओं में कमी, और IRDA की शक्तियों में वृद्धि।
विधेयक:- सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल, 2025 (SHANTI)
परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलना, 2047 तक 100 GW क्षमता का लक्ष्य, और पुराने कानूनों को निरस्त करना। विपक्ष ने इसमें दायित्व कम करने पर आपत्ति जताई।
विधेयक:- विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड अजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल, 2025
MGNREGA को बदलना, रोजगार के गारंटीड दिनों को 100 से 125 करना, फंडिंग पैटर्न बदलना, और फसल सीजन में योजना रोकने का प्रावधान। इस पर सबसे ज्यादा विवाद हुआ।
ये विधेयक सत्र के दौरान पेश और पारित हुए, जिसमें SHANTI बिल और VB-G RAM G बिल पर विपक्ष ने वॉकआउट किया।
JPC को भेजा गया विधेयक
एक विधेयक को जॉइंट पार्लियामेंट्री कमिटी (JPC) को भेजा गया विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल, 2025। यह विधेयक उच्च शिक्षा के लिए एक नया नियामक निकाय स्थापित करने का प्रावधान करता है, जो UGC, AICTE और NCTE की जगह लेगा। इसे 15 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया गया और JPC को रेफर किया गया। इसके अलावा, सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल, 2025 को स्टैंडिंग कमिटी ऑफ फाइनेंस को भेजा गया।
लोकसभा के कामकाज और हाइलाइट्स
लोकसभा में 300 स्टार्ड प्रश्न स्वीकार किए गए (जिनमें 72 मौखिक उत्तर दिए गए), और 3,449 अनस्टार्ड प्रश्न प्राप्त हुए। जीरो ऑवर में 408 मुद्दे उठाए गए (11 दिसंबर को अकेले 150), और नियम 377 के तहत 372 मुद्दे। 2,116 पेपर पेश किए गए, और 41 संसदीय स्टैंडिंग कमिटी रिपोर्ट टेबल की गईं।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
सत्र में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर 11 घंटे 32 मिनट की चर्चा हुई, जिसमें 65 सदस्य शामिल हुए। चुनावी सुधारों पर 13 घंटे की बहस (63 सदस्यों के साथ), लेकिन यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई। उत्तर भारत में वायु प्रदूषण पर प्रस्तावित बहस नहीं हो सकी, जिस पर राहुल गांधी ने विपक्ष की मांग की लेकिन सरकार ने विपक्ष पर रुकावट का आरोप लगाया। VB-G RAM G बिल पर भारी विरोध, जिसमें परामर्श की कमी का आरोप लगा।
सत्र से पहले 26 विधेयक लंबित थे, सत्र के अंत में 28 लंबित रहे। वक्फ बिल पर JPC का कार्यकाल बजट सत्र तक बढ़ाया गया (यह पहले से लंबित था)। कुल मिलाकर, सत्र उत्पादक रहा लेकिन राजनीतिक टकराव से भरा।