
स्पेशल डेस्क
उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर से एक सनसनीखेज़ और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक आईटी कंपनी के CEO जितेश सिसोदिया और सिरोही निवासी दंपति पर एक महिला के साथ गैंगरेप का गंभीर आरोप लगा है। यह वारदात एक शानदार बर्थडे पार्टी के बाद अंजाम दी गई, जिसने शहर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
बर्थडे पार्टी से शुरू हुआ खौफनाक सफर
जानकारी के अनुसार, पीड़िता को उदयपुर में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल बर्थडे पार्टी में आमंत्रित किया गया था। पार्टी के दौरान माहौल सामान्य और दोस्ताना बताया जा रहा है। देर रात पार्टी खत्म होने के बाद आरोपियों ने पीड़िता को “आफ्टर पार्टी” के बहाने अपने साथ चलने के लिए कहा।
ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि आफ्टर पार्टी के दौरान पीड़िता को दी गई ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाया गया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह अर्ध-बेहोशी की हालत में पहुंच गई। इसी का फायदा उठाकर आरोपी उसे कार में बैठाकर ले गए।
चलती कार में किया गया गैंगरेप
पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने चलती कार के अंदर ही उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। नशे की हालत में वह खुद को बचाने की स्थिति में नहीं थी। यह पूरी घटना बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई, जिससे अपराध की गंभीरता और बढ़ जाती है।
सुबह हुआ दर्दनाक खुलासा
घटना के बाद जब पीड़िता को होश आया तो उसे अपने साथ हुई दरिंदगी का एहसास हुआ। शारीरिक और मानसिक रूप से टूट चुकी पीड़िता ने साहस जुटाकर पुलिस से संपर्क किया और पूरी आपबीती बताई।
डैशकैम बना जांच की कड़ी
मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया जब पुलिस को कार में लगे डैशकैम की रिकॉर्डिंग मिली। डैशकैम में आरोपियों की आवाजें और बातचीत कैद बताई जा रही हैं, जो पुलिस के मुताबिक मजबूत तकनीकी सबूत के रूप में सामने आई हैं।
आरोपी नामजद, जांच जारी
पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आईटी कंपनी के CEO जितेश सिसोदिया सिरोही निवासी एक दंपति को नामजद आरोपी बनाया है। मामले में मेडिकल जांच, डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
क्यों है मामला बेहद गंभीर
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि “आरोपी प्रभावशाली और शिक्षित वर्ग से जुड़े हैं। नशीले पदार्थ का इस्तेमाल किया गया । अपराध चलती कार में अंजाम दिया गया। और डिजिटल सबूत (डैशकैम) मौजूद हैं।
मामले की हर पहलू से जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। अंतिम सच अदालत में पेश सबूतों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद सामने आएगा।
महिला सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर उदयपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब हाई-प्रोफाइल पार्टियों में शामिल महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम महिलाओं की सुरक्षा का क्या भरोसा? वहीं, प्रशासनिक व्यवस्था पर भी उंगलियां उठ रही हैं कि आखिर नशीले पदार्थों की खुलेआम उपलब्धता, देर रात तक चलने वाली पार्टियों की निगरानी और ऐसे मामलों पर पूर्व-निरोधक कदम क्यों नहीं उठाए गए।