
विशेष डेस्क
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना के तहत देश के गरीब, बेरोजगार और स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक नागरिकों को बिना ब्याज और बिना किसी गारंटी के 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाना और छोटे स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को व्यवसाय शुरू करने या पहले से चल रहे छोटे काम को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। खास बात यह है कि इस योजना में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास रखी गई है, जिससे बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ उठा सकते हैं।
तीन चरणों में मिलेगा लोन
योजना के तहत लोन राशि तीन चरणों में दी जाती है। पहले चरण में पात्र लाभार्थियों को 1 लाख रुपये तक का लोन मिलता है। सफलतापूर्वक भुगतान और कार्य प्रगति के आधार पर दूसरे चरण में 3 लाख रुपये और अंतिम चरण में अधिकतम 5 लाख रुपये तक की राशि दी जाती है। इस पूरी लोन राशि पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता और किसी भी प्रकार की गारंटी या सिक्योरिटी की आवश्यकता नहीं होती।
किन्हें मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। आयु सीमा आमतौर पर 18 से 50 वर्ष के बीच रखी गई है। इसके अलावा, आवेदक के पास स्वरोजगार शुरू करने की स्पष्ट योजना होनी चाहिए। सरकार महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांगजनों को इस योजना में प्राथमिकता दे रही है।
किन कार्यों के लिए लिया जा सकता है लोन
सरकार के अनुसार, यह लोन छोटे व्यापार, कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प, सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, पोल्ट्री, मोबाइल रिपेयरिंग, ब्यूटी पार्लर, रेहड़ी-पटरी और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
योजना में आवेदन प्रक्रिया को सरल रखा
योजना में आवेदन प्रक्रिया को सरल रखा गया है। इच्छुक आवेदक अपने नजदीकी सरकारी बैंक, जनसेवा केंद्र (CSC) या संबंधित विभाग के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आधार कार्ड, पहचान पत्र और शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जमा करने होते हैं।आवेदन की जांच के बाद पात्र पाए जाने वाले लाभार्थियों के बैंक खाते में लोन राशि सीधे ट्रांसफर कर दी जाती है।
सरकार का बयान
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही है। सरकार का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ बेरोजगारी कम होगी, बल्कि छोटे व्यवसायों को भी मजबूती मिलेगी। बिना ब्याज और बिना गारंटी के 5 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराने वाली यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो रही है। सरकार की इस पहल से लाखों लोगों को अपना खुद का काम शुरू करने का अवसर मिल रहा है।