
उत्तराखंड डेस्क
1 जनवरी 2026 को नए साल के पहले दिन उत्तराखंड के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। खासकर कैंची धाम (नीम करौली बाबा का आश्रम, नैनीताल जिले में) में आस्था का सैलाब देखने को मिला।कैंची धाम की स्थिति:सुबह की आरती से लेकर देर शाम तक हजारों श्रद्धालु नीम करौली महाराज के दर्शन के लिए पहुंचे।
देश-विदेश से आए भक्तों ने बाबा से नए साल के लिए आशीर्वाद मांगा। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कैंची धाम जाने वाले रास्तों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। यातायात व्यवस्था चरमरा गई, हालांकि पुलिस ने विशेष इंतजाम किए थे, लेकिन शटल सेवा भी पूरी तरह काम नहीं आई।भक्तों ने घंटों लाइन में इंतजार कर दर्शन किए। एक श्रद्धालु ने बताया कि 3 घंटे से ज्यादा लाइन में खड़े रहना पड़ा।
जागेश्वर धाम की स्थिति अल्मोड़ा जिले में स्थित प्राचीन जागेश्वर धाम (शिव मंदिरों का समूह) में भी नए साल पर अच्छी खासी भीड़ रही। नए साल की शुरुआत में शिव दर्शन को श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचे। हालांकि कैंची धाम जितना बड़ा जाम या सैलाब यहां नहीं बताया गया, लेकिन पारंपरिक रूप से नए साल पर यहां दर्शन करना शुभ माना जाता है।
उत्तराखंड में नए साल पर पर्यटक स्थलों (जैसे नैनीताल, भीमताल) के साथ-साथ धार्मिक स्थलों पर भी भारी चहल-पहल रही। ठंड के बावजूद लोग आशीर्वाद लेने मंदिरों में उमड़े। प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक के इंतजाम किए थे।यह परंपरा हर साल देखी जाती है, जहां लोग नए साल की शुरुआत ईश्वर के दर्शन से करते हैं।