
अनिल गुप्ता
नई दिल्ली
नई दिल्ली। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विज़न के अनुरूप नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने वित्त वर्ष 2026–27 का बजट पेश किया, जिसमें मुनाफे (सरप्लस) की परंपरा को कायम रखते हुए ₹143.05 करोड़ के शुद्ध लाभ का अनुमान लगाया गया है। खास बात यह है कि बजट में संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे नागरिकों को सीधी राहत मिलेगी।
पालिका केंद्र, नई दिल्ली में आयोजित विशेष परिषद बैठक में बजट प्रस्तुति की गई। बैठक की अध्यक्षता दिल्ली सरकार के मंत्री एवं नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रवेश वर्मा ने की। इस अवसर पर नई दिल्ली की सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज, एनडीएमसी अध्यक्ष केशव चंद्रा, उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, परिषद सदस्य अनिल वाल्मीकि, श्रीमती सरिता तोमर, श्री दिनेश प्रताप सिंह तथा एनडीएमसी सचिव/वित्तीय सलाहकार राकेश कुमार उपस्थित रहे।
“विकास भी, विरासत भी” की सोच
एनडीएमसी अध्यक्ष केशव चंद्रा ने कहा कि यह बजट नई दिल्ली को एक ऐसा शहर बनाने की प्रतिबद्धता दर्शाता है, जो अपनी समृद्ध विरासत को संजोते हुए नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास को आगे बढ़ाए। उन्होंने बताया कि बजट “विकास भी, विरासत भी” की भावना से प्रेरित है।

वहीं उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि एनडीएमसी को स्थिरता और आत्मनिर्भरता के मामले में देश की सबसे प्रगतिशील नगरपालिका के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि नई दिल्ली आधुनिकता, पर्यावरण संतुलन और नागरिक जिम्मेदारी का उदाहरण बने.

एआई शिक्षा और स्कूल सुधार
शिक्षा के क्षेत्र में एनडीएमसी ने “एआई फॉर ऑल” कार्यक्रम के विस्तार की घोषणा की है। वर्तमान में 300 एआई-प्रशिक्षित छात्रों के अनुभव के आधार पर वर्ष 2026 से कक्षा 7 से 12 तक यह कार्यक्रम लागू किया जाएगा। होमी लैब के सहयोग से छात्रों को एआई की बुनियादी जानकारी, 15 से अधिक एआई टूल्स और हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इसके साथ ही:
- नवयुग स्कूल, पंडारा रोड को सिटी मॉडल स्कूल बनाया जा रहा है (2026–27 तक पूर्ण होने की उम्मीद)
- नवयुग स्कूल, सरोजिनी नगर को भी मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा
- स्कूलों के निर्माण व मरम्मत के लिए अलग विभाग, वार्षिक निरीक्षण समिति
- पूर्ण डिजिटल आईटी सिस्टम, ऑनलाइन एडमिशन और छात्र डेटा प्रबंधन
- पीएम पोषण योजना के तहत पोषक मिड-डे मील
- 10 खेलों के लिए 14 विशेष कोच और एलुमनाई मॉडल की तैयारी
सुरक्षा, स्वच्छता और नागरिक सुविधाएं
सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली पुलिस के सहयोग से:
- 2,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे (अब तक 82 कैमरे आईसीसीसी से जुड़े)
- सार्वजनिक शौचालयों का आधुनिकीकरण, 7 स्मार्ट पिंक टॉयलेट तैयार
- संविदा कर्मचारियों के लिए बेहतर मेडिकल योजना
- एससी/एसटी कर्मचारियों की सहायता राशि ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000
शहर में 24×7 सफाई लक्ष्य के तहत खान मार्केट, कनॉट प्लेस और सरोजिनी नगर में नाइट क्लीनिंग पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
ग्रीन और स्मार्ट सिटी पर जोर
एनडीएमसी ने पर्यावरण संरक्षण को बजट का केंद्र बिंदु बनाया है:
- डस्ट-फ्री एनडीएमसी अभियान: मशीन से सफाई, मिस्ट स्प्रे, एंटी-स्मॉग गन
- स्मार्ट सिंचाई प्रणाली: 2026–27 में 13 सड़कें और 3 बड़े पार्क शामिल
- बंद कुओं, बोरवेल और टैंकों का पुनर्जीवन
- हाइड्रोजन और बिजली उत्पादन: भारती नगर एसटीपी को आत्मनिर्भर बनाने की योजना
- मियावाकी वन: नजफ खान रोड (लोदी कॉलोनी के पास) सहित कई स्थान
- 5.53 लाख ट्यूलिप बल्ब और ट्यूलिप फेस्टिवल का प्रस्ताव
- सड़क सुरक्षा के लिए सोलर चार्ज पेंट
बिजली क्षेत्र में एनडीएमसी को आरडीएसएस योजना के लिए चुना गया है और 2028 तक 100% नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ने का लक्ष्य रखा गया है।

शहरी विकास और सामाजिक पहल
- अनुपम कॉलोनी ज़ीरो-वेस्ट मॉडल को 15 अन्य कॉलोनियों में लागू किया जाएगा
- अमृत 2.0 के तहत झुग्गी बस्तियों में पानी के कनेक्शन
- 2026–27 में शहरी विकास के लिए ₹556 करोड़
- कला-संस्कृति के लिए आर्ट विद हार्ट, क्रिएटिव हब और मूर्तियां
बजट के प्रमुख वित्तीय आंकड़े
- कुल प्राप्तियां (बजट अनुमान 2026–27): ₹5953.07 करोड़
- कुल खर्च (2026–27): ₹5810.02 करोड़
- राजस्व प्राप्तियां: ₹5211.92 करोड़
- पूंजीगत खर्च: ₹943.84 करोड़
- प्रॉपर्टी टैक्स संग्रह अनुमान:
- 2025–26 (संशोधित): ₹1200 करोड़
- 2026–27: ₹1290 करोड़
एनडीएमसी बजट 2026–27 मुनाफे, कर राहत, एआई शिक्षा, ग्रीन एनर्जी, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक कल्याण का संतुलित दस्तावेज है। यह बजट न केवल नई दिल्ली को भविष्य के लिए तैयार करता है, बल्कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित होता है।एनडीएमसी बजट 2026–27 मुनाफे, कर राहत, एआई शिक्षा, ग्रीन एनर्जी, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक कल्याण का संतुलित दस्तावेज है। यह बजट न केवल नई दिल्ली को भविष्य के लिए तैयार करता है, बल्कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित होता है।